Thursday, July 13, 2017

लकड़ी का अद्भुत नक्काशियों वाला महल – टीपू समर पैलेस

टीपू सुल्तान का एक महल बेंगलुरु में भी है। इसे टीपू समर पैलेस कहते हैं। इसकी सबसे खास बात है कि यह काफी हद तक लकड़ी का बना हुआ है। टीपू समर पैलेस बेंगलुरु मुख्य शहर में केआर मार्केट के पास स्थित है। टीपू सुल्तान यहां दरबार लगाया करते थे। महल के अंदर फारसी में लिखा गया था – खुशियों की जगह, स्वर्ग भी जिससे इर्ष्या करता है।

इस महल का निर्माण 1781 में आरंभ हुआ। यह 10 सालों बाद 1791 में जाकर पूरा हुआ। इस महल के निर्माण में टीक की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। यह 100 साल से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बाद भी देखने में उम्दा प्रतीत होता है। यह महल दो मंजिला है। छत पर चारों कोनों पर चार कमरे बने हुए हैं जिन्हें जनाना क्वार्टर कहा जाता है। टीपू सुल्तान के दरबार के दौरान इसमें  राजभवन की महिलाएं बैठती थीं।

सामने से छत पर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं। वहीं पीछे से भी छत पर जाने की सीढ़िया हैं। महल में लकड़ी पर अदभुत नक्काशी देखी जा सकती है।  इन नक्काशियों में बेशकीमती पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। महल के आधार तल के कमरों में टीपू सुल्तान के समय की कुछ वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। यहां टीपू सुल्तान का एक नक्काशीदार सिंहासन भी हुआ करता था। पर 1799 में टीपू की मौत के बाद अंग्रेजों ने इस सिंहासन को तोड़ डाला। 1831 से 1861 तक ब्रिटिश सरकार ने इसे अपने सचिवालय के तौर भी इस्तेमाल किया। 1951 में भारत सरकार ने इसे संरक्षित स्मारक घोषित किया।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा संरक्षित इस महल में प्रवेश के लिए टिकट का प्रावधान है। हालांकि महल का क्षेत्रफल बहुत बड़ा नहीं है। पर अगर बेंगलुरु में हैं तो जरूर देखिए। महल के चारों तरफ सुंदर उद्यान हैं। इस उद्यान में रंग बिरंगे फूल हैं। इसकी देखभाल कर्नाटक सरकार का उद्यान विभाग करता है।

किले के मुख्य भवन के सामने सुंदर उद्यान है। मुख्य सड़क से ही जब आप किले पर नजर डालते हैं तो इसका अदभुत सौंदर्य नजर आता है। किले के बायीं तरफ भी सुंदर उद्यान है, जिसकी क्यारियों में फूल खिले हैं। टीपू सुल्तान के इस समर पैलेस के बगल में एक विशाल मंदिर भी है। वैसे ये पैलेस चामराजपेट इलाके में पड़ता है। पैलेस चौराहे पर स्थित है। इसकी दूसरी तरफ मेडिकल कालेज है।

समर पैलेस के पासही बेंगलुरू का सबसे व्यस्त और पुराना बाजार केआर मार्केट है। वैसे पूरा नाम तो कृष्ण राजेंद्र मार्केट है, पर बेंगलुरु के लोग इसे सिर्फ मार्केट कहते हैं। मार्केट मतलब केआर मार्केट। यह मार्केट काफी बेतरतीब नजर आता है। पर केआर मार्केट के मसजिद इलाके से आपको बेंगलुरु के हर कोने के लिए स्थानीय बस मिल जाएगी। वहीं केआर मार्केट निजी बस सेवा प्रदाताओं का हब है। यहां से कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र के अलग अलग शहरों के लिए निजी बसें खुलती है। तमाम बस कंपनियों के यहां पर बुकिंग दफ्तर हैं। केआर मार्केट सब्जियों और राशन का भी प्रमुख बाजार है।
केआर मार्केट का फूल बाजार 

हर सुबह सजता है फूल बाजार - पर सुबह सुबह आप केआर मार्केट से होकर गुजरें तो आपको बाजार का एक और रूप दिखाई देगा। यहां फूल बाजार लगता है। और हां यह एशिया का सबसे बड़ा फूल बाजार माना जाता है। यहां पर आप फूल मालाएं, गजरा और बुके आदि खरीद सकते हैं। फूल बाजार में अलग अलग फूलों की खुशबू आती है। हालांकि अब कृत्रिम फूल भी आने लगे हैं। केआर मार्केट के फूल बाजार को देखकर बनारस के बांस फाटक का फूल बाजार याद आता है।  बेंगलुरु में कुछ दिन गुजारनेके दौरान कई बार केआर मार्केट से गुजरना हुआ, पर सुबह में फूलों का साथ सबसे प्यारा रहा।
-        विद्युत प्रकाश मौर्य


( BENGALURU, KR MARKET, FLOWER, TIPU SUMMER PALACE ) 

2 comments:

  1. महल वाकई देखने लायक लग रहा है। अक्सर ऐसी इमारतों में छोटा मोटा संग्राहलय बना दिया जाता है। अगर ऐसा नहीं है तो इधर होना चाहिए। कभी बेंगलुरु जाने का मौका लगेगा तो इधर जाऊँगा।

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  2. mahal maine dekha hai a sale jankari to an hui hai dhanyavad

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